सारांश
खसरा: एक अत्यधिक संक्रामक रोग है जिसकी रिपोर्ट करना अनिवार्य है। यह आमतौर पर बच्चों में देखा जाता है, लेकिन किशोर और वयस्क भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।
कारणक: खसरा वायरस
संक्रमण: खाँसी, छींक या लार के सीधे संपर्क से
लक्षण: बुखार, बहती नाक, गले में खराश, सूखी खांसी, थकान, पाचन संबंधी समस्याएं, लाल आँखें, खसरे का दानेदार चकत्ता
निदान: डॉक्टर से परामर्श, शारीरिक जांच, रक्त परीक्षण
उपचार: भरपूर आराम, बिस्तर पर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ पीना
रोकथाम:
टीकाकरण
इस लेख में आपको खसरे के बारे में बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में मिलेगी। यह पाठ सामान्य जानकारी प्रदान करता है और डॉक्टर के पास जाने का विकल्प नहीं है।
खसरा क्या है?
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है। यह एक वायरस के कारण होती है। यदि किसी को खसरा हो जाता है, तो वह आसानी से वायरस को दूसरों में फैला सकता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि केवल बच्चों को खसरा होता है, लेकिन किशोरों और वयस्कों को भी यह हो सकता है। खसरा अक्सर बहुत गंभीर नहीं होता है। हालांकि, छोटे बच्चों और वयस्कों में यह बीमारी अधिक गंभीर हो सकती है।
खसरा कैसे होता है?
खसरा हवा के माध्यम से फैलता है। जब खसरे से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो वायरस युक्त सूक्ष्म बूंदें हवा में निकलती हैं। अन्य लोग इन बूंदों को सांस के साथ अंदर ले सकते हैं और खसरे की चपेट में आ सकते हैं। इसे ड्रॉपलेट ट्रांसमिशन (बूंदों के माध्यम से संचरण) के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, आप उदाहरण के लिए, एक ही बर्तन या कटलरी का उपयोग करके भी इससे संक्रमित हो सकते हैं।
खसरा किसे होता है?
जिसने भी टीका नहीं लगवाया है, उसे खसरा हो सकता है। इसमें वयस्क भी शामिल हैं। इसीलिए खसरे के खिलाफ टीका लगवाना बहुत महत्वपूर्ण है।
आपको कैसे पता चलेगा कि आपको खसरा हो गया है?
खसरे के पहले लक्षण हैं:
- बुखार
- नाक बहना
- खांसी
- लाल आँखें और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता
- कब्ज या दस्त
कुछ दिनों (3 से 7) के बाद, त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देते हैं। ये चकत्ते आमतौर पर चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाते हैं।
महत्वपूर्ण: यदि खसरे का संदेह हो, तो डॉक्टर को पहले से टेलीफोन द्वारा सूचित किया जाना चाहिए।
खसरे के संभावित परिणाम क्या हैं?
खसरा एक हानिरहित बीमारी नहीं है। खसरा होने के बाद अधिकांश लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कभी-कभी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। खसरा शरीर पर दबाव डालता है और उसे कमजोर कर देता है। यह आपको अन्य बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बना देता है।
अन्य संभावित बीमारियों में शामिल हैं:
- फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं: निमोनिया एक जटिलता हो सकती है।
- मध्य कान का संक्रमण: बहुत तीव्र कान का दर्द
- गंभीर दस्त
- एन्सेफलाइटिस: एन्सेफलाइटिस मस्तिष्क की सूजन है। इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
- सबअक्यूट स्क्लेरोसिंग पैनएन्सेफलाइटिस (एसएसपीई): एक बहुत ही दुर्लभ और खतरनाक बीमारी। यह खसरे से संक्रमित होने के कई साल बाद भी हो सकती है। शिशुओं को विशेष रूप से खतरा होता है।
- गर्भावस्था: यदि एक गर्भवती महिला को खसरा हो जाता है, तो इससे समय से पहले जन्म या गर्भपात हो सकता है।
खसरे का इलाज कैसे किया जाता है?
खसरे के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। इसलिए खसरे का इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है, जिसका अर्थ है कि लक्षणों का इलाज किया जाता है।
यह महत्वपूर्ण है:
- बिस्तर पर आराम: बिस्तर पर रहें और भरपूर आराम करें
- पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएँ: पानी या चाय जैसे तरल पदार्थ खूब पिएँ
- हल्का, आसानी से पचने वाला भोजन करें
- अच्छी तरह हवादार कमरा: ताजी हवा वाला कमरा और, यदि आवश्यक हो, तो इसे अँधेरा रखना चाहिए।
- बुखार और खांसी: डॉक्टर से सलाह लेने के बाद बुखार और खांसी की दवाएं ली जा सकती हैं।
गंभीर मामलों में:
- अस्पताल: गंभीर बीमारी की स्थिति में, अस्पताल में इलाज आवश्यक हो सकता है।
- बैक्टीरियल संक्रमण: यदि आपको बैक्टीरियल संक्रमण भी हो जाता है, जैसे कि कान का संक्रमण, तो आपका डॉक्टर अतिरिक्त दवा लिख सकते हैं।
खसरे के बारे में क्या किया जा सकता है?
सबसे अच्छी बात यह है कि टीका लगवाया जाए। खसरे का टीका इस बीमारी के खिलाफ बहुत अच्छा सुरक्षा प्रदान करता है। पूरी तरह से सुरक्षित रहने के लिए आपको टीके की दो खुराकें लगवानी होंगी।
क्या आपको खसरा एक से अधिक बार हो सकता है?
नहीं, एक बार आपको खसरा हो जाने के बाद, यह आपको दोबारा नहीं होगा।
टीकाकरण महत्वपूर्ण क्यों है?
टीकाकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि खसरा एक खतरनाक बीमारी हो सकती है। कभी-कभी लोगों को खसरे से गंभीर जटिलताएं हो जाती हैं, जैसे निमोनिया या एन्सेफलाइटिस। टीकाकरण स्वयं और दूसरों दोनों की रक्षा करने में मदद करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खसरा केवल बच्चों को ही नहीं बल्कि वयस्कों को भी हो सकता है। यह बीमारी उन लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है जिन्हें टीका नहीं लगवाया गया है।
शुरुआत में लक्षण सामान्य जुकाम जैसे ही होते हैं – जैसे बुखार, खांसी, बहती नाक या गले में खराश। बुखार उतर जाता है। फिर त्वचा पर लाल धब्बे दिखाई देते हैं और बुखार फिर से बढ़ जाता है।
खसरे के वायरस से संक्रमण और रोग के लक्षणों के प्रकट होने के बीच की अवधि लगभग 7 दिनों तक रहती है, या दुर्लभ मामलों में 21 दिनों तक हो सकती है।
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